Greek Bharatiya Athawa Yavana / ग्रीक भारतीय : अथवा यवन
Author
: A.K. Narain
  Mrs. Usha Narain
Language
: Hindi
Book Type
: Reference Book
Category
: History, Art & Culture
Publication Year
: 1996
ISBN
: 8171241662
Binding Type
: Hard Bound
Bibliography
: xxiv + 248 Pages, 16 Plates, Glossary, Append., Biblio., Index, Size : Demy i.e. 22.5 x 14 Cm.

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यह पुस्तक प्रोफेसर अवध किशोर नारायण की अन्तर्राष्ट्रीय प्रसिद्धि प्राप्त पुस्तक 'दि इन्डो-ग्रीक्स' का हिन्दी अनुवाद है। इसमें उन ग्रीक लोगों का इतिहास है जो अफगानिस्तान में हखामनी सम्राटों द्वारा निर्वासित कर दिये गये थे और जिनके साथ बाद में अलेक्जांदर की सेना के साथ आये हुए ग्रीक-मैसिडोनियन उपनिवेशी भी शामिल हो गये थे। इन लोगों ने अलेक्जांदर के पूरबी उत्तराधिकारी सिल्युकसवंशियों के अधीनस्थ न रह कर बैक्ट्रिया में एक स्वतंत्र राज्य स्थापित कर लिया था और क्रमश: दक्षिण और दक्षिणपूर्व की ओर, आज के प्राय: सम्पूर्ण अ$फगानिस्तान एवं पाकिस्तान के भौगोलिक क्षेत्र पर अधिकार कर लिया, और गंगा-यमुना घाटी में भी घुसपैठ किया। इनके करीब चालीस शासकों ने लगभग दो सौ वर्ष तक अपना प्रभुत्व प्राचीन भारत के उन भौगोलिक हिस्सों पर, जो कि वर्तमान अफगानिस्तान और पाकिस्तान में है, कायम रखा, पर ये वहाँ की मिट्टी में ही सन गये; भारतीय संस्कृति और प्राचीन पश्चिमी संस्कृति के बीच आदान-प्रदान में इनका महत्त्वपूर्ण योग रहा।